https://youtu.be/IQ-iTeN_Yv4?si=PRGH5MxznvZ2bmqX https://youtu.be/B_qbaictKdE?si=7zhObOZKvOOMSSwu ...[राकेश]
राज कपूर रशिया और ईरान आदि देशों में बेहद प्रसिद्ध थे और आज भी लोग उन्हे वहाँ जानते हैं और याद करते हैं। उन्हे एक ऐसा कलाकार और फिल्मकार माना जा सकता है जिन्होने लगभग बचपन से ही फिल्मों को... Continue Reading →
नवंबर 1985 में तीन-चार दिन लगातार स्मिता पाटिल और राज बब्बर से मिलने के बाद उन पर एक संस्मरण लिखते समय हिंदी के प्रसिद्द साहित्यकार श्री कृष्ण बिहारी को कहाँ मालूम था कि ठीक एक साल बाद विलक्षण स्मिता समूचे... Continue Reading →
“बाबूजी, पेशाब ज़रा उधर कर लेंगे…यहाँ हमारा परिवार सोता है”, ©…[राकेश]
©…[राकेश] रोड टू संगम , वेल डन अब्बा, सिटी ऑफ गोल्ड, पीपली लाइव, धोबी घाट,
नोट: शैक्षणिक व अव्यवसायिक उपयोग के लिये हिन्दी सिनेमा के इतिहास से सम्बंधित एक विवादास्पद फिल्म के निर्माता के पत्र का हिंदी रुपांतरण प्रस्तुत किया गया है।
नोट: शैक्षणिक व अव्यवसायिक उपयोग के लिये हिन्दी सिनेमा के इतिहास से सम्बंधित एक विवादास्पद फिल्म के निर्माता के लेख का हिंदी रुपांतरण प्रस्तुत किया गया है।
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