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Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

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Cinema

Kahaani (2012): विद्या बालन की थ्रिलर फिल्म

इन्स्पेक्टर सात्यिकी की भूमिका में Parambrata Chatterjee सहज और आकर्षक लगे हैं| विद्या बालन के अलावा सबसे ज्यादा ध्यान खींचते हैं Saswata Chatterjee जिन्होंने बॉब विश्वास की भूमिका निभाई है| उनकी मुस्कान और उनकी शैतानियत का संगम एक आकर्षक स्क्रीन... Continue Reading →

Sunglass (2013) : दूसरे के मन की बात जान लेना रिश्ते पर भारी पड़ता है

बचपन में एक कथा सुनी थी, बहुतों ने सुनी होगी, दादी-नानी किस्म की कहानी परम्परा वाली| बहुत समय पहले की बात है, शताब्दियों पहले की| तब इंसान का पेट बंद नहीं होता था और उस पर एक ढक्कन किस्म का ... Continue Reading →

Chalo Dilli (2011) : इंडिया का भारत भ्रमण

एक समय तक भारत के हरेक विद्यार्थी को सामान्य ज्ञान की परीक्षाओं में भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दो प्रश्न काफी परेशान करते थे (शायद अभी भी करते हों)। सवाल थे - दिल्ली चलो का नारा किसने दिया था।... Continue Reading →

डार्लिंग आँखों से आँखें चार करने दो (7 Khoon Maaf 2011)

कौन है भारत में ऐसा जो हिन्दी सिनेमा के संगीत संसार में मौजूद नायाब खजाने से रुबरु हुआ हो और शोला जो भड़के दिल मेरा धड़के (अलबेला-1951) , मुड़ मुड़ के न देख (श्री 420 - 1955), मेरा नाम चिन... Continue Reading →

Shaan(1980): शोले की आन, बान और शान में घटोत्तरी

https://youtu.be/IQ-iTeN_Yv4?si=PRGH5MxznvZ2bmqX https://youtu.be/B_qbaictKdE?si=7zhObOZKvOOMSSwu ...[राकेश]

नवीन निश्चल : सौम्य चरित्रों के अभिनेता

...[राकेश]

Angoor (1982) : विशुद्ध हास्य की मधुशाला

…[राकेश]

कमर जलालाबादी

किसी भी गीत को उम्दा बनाने के लिये संगीतकार, गायक और गीतकार तीनों के बेहतरीन योगदान की जरुरत होती है और किसी एक का भी योगदान कमतर हो तो गीत की गुणवत्ता और आयु कम हो जाती है। तीनों में... Continue Reading →

महंगाई डायन खाए जात है : अभावग्रस्त भारत की टीस को उकेरता व्यंग्य गीत

भारत की सरकारों का सौभाग्य रहा है कि देशवासियों की कमर तोड़ने वाले मुद्दों को लेकर भी भारतवासी सड़कों पर नहीं उतरते बल्कि किसी न किसी तरह से इन अव्यवस्थाओं से पार पाने की सहन शक्ति विकसित कर लेते हैं... Continue Reading →

Satyakam (1969) : हत्या ईमानदारी की होते बेशर्मी से देखता रहा है हिन्दुस्तान

Jolly LLB (2013) : प्रेमी वकील बाबू vs. कानून के अंधेपन के दलाल

“बाबूजी, पेशाब ज़रा उधर कर लेंगे…यहाँ हमारा परिवार सोता है”, फुटपाथ पर तीन छोटे बच्चों के साथ बैठे एक बुजुर्गवार, जॉली  वकील (अरशद वारसी) से कहते हैं और बहुत से दर्शक अपने भारत देश की इस विभीषिका पर शर्म से... Continue Reading →

Tanu Weds Manu(2011): सोती चिंगारी के प्रेम में पड़ गया घोंचू

सर्वप्रथम तो जिक्र इस फिल्म में हीरे की माफिक अलग से चमकने वाला गीत – रंगरेज़…- का ही होना चाहिए। गीत वडाली भाइयों द्वारा गाया गया है। जो फिल्म ऐसे गीत को अपने साथ चलने के लिये आमंत्रित करे उसमें... Continue Reading →

Dhobi Ghat (Mumbai Diaries) : ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ

धोबी घाट उर्फ मुम्बई डायरीज एक अच्छी फिल्म है। पहली बार निर्देशन की बागडोर संभाल रही किरण राव की इस फिल्म में रोचक कथ्य है और उसे प्रस्तुत करने का उतना ही रोचक तरीका भी है। किरण राव के निर्देशन... Continue Reading →

Kissa Kursi Ka : लालकृष्ण आडवाणी से एक करोड़ मुआवजा मांगते अमृत नाहटा का पत्र

नोट: शैक्षणिक व अव्यवसायिक उपयोग के लिये हिन्दी सिनेमा के इतिहास से सम्बंधित एक विवादास्पद फिल्म के निर्माता के पत्र का हिंदी रुपांतरण प्रस्तुत किया गया है।

Kissa Kursi Ka : हिंदी सिनेमा की सबसे ज्यादा विवादास्पद फिल्म का इतिहास

नोट: शैक्षणिक व अव्यवसायिक उपयोग के लिये हिन्दी सिनेमा के इतिहास से सम्बंधित एक विवादास्पद फिल्म के निर्माता के लेख का हिंदी रुपांतरण प्रस्तुत किया गया है।

Invictus (2009): खेल से राष्ट्रीय एकता बसाने वाला जननेता

कुछ फिल्में फिल्में ही नहीं रह जातीं बल्कि वे सिनेमा से थोड़ा आगे बढ़कर बड़े स्तर पर जीवन से ऐसे जुड़ जाती हैं कि जीवन को ही प्रेरणा देने लगती हैं और उसे सुधारने लगती हैं। Clint Eastwood की Invictus... Continue Reading →

नमकीन (1982) : चौरंगी में झांकी चली

https://www.youtube.com/watch?v=hLWJ3pWy2ac https://www.youtube.com/watch?v=erkeCqZp7os …[राकेश]

Dus Tola (2010) : गुलज़ार की सोने की खान से कुछ स्वर्ण-मुद्राएं

…[राकेश]

Jagte Raho (1956): न जागा है न जागेगा “भारत”

...[राकेश] https://youtu.be/S3Lhs8HEC_I?si=633obFDq1l4icFzN

Maya (2001) : गढी हुयी सामाजिक कुरीति के नाम कन्या की बलि चढाती फिल्म

सिनेमा एक बेहद सशक्त्त माध्यम है और लिखे अक्षर से एकदम अंजान बिल्कुल अनपढ़ किस्म के व्यक्ति भी इस माध्यम के द्वारा संदेश ग्रहण कर सकते हैं और दिखाये हुये की अपने जीवन के अनुभवों के आधार पर व्याख्या कर... Continue Reading →

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