किशोर कुमार के बहुत से शानदार गीत संगीत रसिकों के सामने खुलकर नहीं आ सके| कभी फिल्म के फाइनल कट से बाहर हो गए, कभी फिल्म बन कर पूरी हो गयी लेकिन प्रदर्शित नहीं हो पाई, कभी फिल्म पूरी बन... Continue Reading →
अपने जीवन में पीछे मुड़कर देखता हूँ तो अवसरों भरे उन कुछ दिनों पर निगाहें ठहरती हैं जो संयोग, सौहार्द और सिनेमाई उम्मीदों से भरे हुए रहे हैं| जैसे 2 अक्टूबर 1976 का चमकीला दिन! उस दिन बॉम्बे के फ़िल्म... Continue Reading →
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