मानव जाति का इतिहास गवाह है कि अच्छाई और बुराई एक साथ नहीं रह सकते, स्वतंत्रता और साम्राज्यवाद एक साथ नहीं रह सकते, अच्छी और बुराइयों से ग्रस्त सभ्यताओं में टकराव अवश्यंभावी है, इसे न कभी कोई टाल सका है... Continue Reading →
पुल पार करने सेपुल पार होता है नदी पार नहीं होतीनदी पार नहीं होती नदी में धँसे बिना नदी में धँसे बिनापुल का अर्थ भी समझ में नहीं आता नदी में धँसे बिनापुल पार करने से पुल पार नहीं होतासिर्फ़... Continue Reading →
भारतीय मिथक के किस्सों में खोजें तो बहुत से उदाहरण (श्रीराम -ब्रह्मास्त्र, अश्वत्थामा - द्रौपदी पुत्र एवं उत्तरा गर्भ, परशुराम-कर्ण शस्त्र विद्या प्रसंग आदि) मिल जायेंगे जहां युद्ध कला या शस्त्र विद्या के दुरूपयोग से तबाही मची| इसलिए इसके लिये हर काल में कुछ नियम कायदे बनाए गए और... Continue Reading →
Recent Comments