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Cinema, Theatre, Music & Literature

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Cinema

Kanchivaram 2008 : जब सिल्क के रेशे भी खुरदुरे लगें ज़िन्दगी को

कवि धूमिल की अंतिम कविता – लोहे का स्वाद- एक तरह से करोड़ों शोषितों की चुप्पी को जुबान देती है। प्रियदर्शन की फिल्म कांजीवरम एक सामंजस्य स्थापित करती है उस कविता से। शब्द किस तरह कविता बनते हैं इसे देखो... Continue Reading →

Eskiya – The Bandit (1996) : तुर्की डाकू की प्रेमकहानी

© ...[राकेश] https://youtu.be/J-pSteDL6g4?si=jwN0So3lzO2IpBvQ

A man in our house (1961): जनांदोलन और प्रेमकहानी का सहअस्तित्व

बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे बोल ज़बाँ अब तक तेरी है तेरा सुतवाँ जिस्म है तेरा बोल कि जाँ अब तक तेरी है देख के आहंगर की दुकां में तुंद हैं शोले सुर्ख़ है आहन खुलने लगे क़ुफ़्फ़लों के... Continue Reading →

The White Balloon (1995): जफर पनाही की स्वतंत्रता कब उड़ान भरेगी?

© ...[राकेश]

The Other End of the Line (2008) : इंडो-अमेरिकन प्रेमकहानी

ओह्ह्ह्ह मुम्बई तो भारत का New York है और वहाँ नौकरियों का विस्फोट हो गया है अमेरिकी धनी Kit Hawksin अपने होटल में ठहरी हुयी भारत से अमेरिका गयी प्रिया से मिलने पर  कहता है। मैं New York को अमेरिका... Continue Reading →

स्मिता पाटिल : प्रतिभावान लड़की को भी समझौते करने पड़ते हैं|

अभिनेत्रियाँ तो स्मिता पाटिल से पहले भी बहुत आयीं और बाद में भी पर भारतीय सिनेमा में सबसे ज्यादा कमी किसी अभिनेत्री की खलती है तो वह स्मिता पाटिल ही हैं। नवम्बर 1985 में हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री कृष्ण... Continue Reading →

i Am KALAM(2010): खुदी को कर बुलंद इतना…

बेहद संतोष की बात है कि Smile Foundation जैसी गैर-सरकारी समाजसेवी संस्था ऐसी फिल्म के निर्माण के लिये आगे आयी। …[राकेश]

दो नैनों में (Khushboo 1975) : निर्देशक, कवि गुलज़ार की कल्पना और तकनीक के संगम का जादू

© …[राकेश] https://youtu.be/i_7PShD6gMM?si=PA6Gz1VJvI36DDFY https://youtu.be/v_qs7436aA4?si=T7dLjOamDU0sCqLy

तुम एक गोरखधंधा हो…याखुदा जवाब नहीं

…[राकेश] https://youtu.be/mXY5-TK2sJ0?si=D7z5et6E_Rt6GT4L

The Univited Guest (2004): सायों के भय से घिरा जीवन

© …[राकेश] https://youtu.be/K754vaau8XY?si=Ums3L8j9w1XYq63O https://youtu.be/_yg5rHqhNbg?si=nIPJx0E0jL_B_Xfp

Raavan (1984) : रो रो के पिघलते हैं गुनाहों के पहाड़

तेरे इश्क की एक बूँदइसमें मिल गयी थीइसलिये मैंने उम्र कीसारी कड़वाहट पी ली ….( अमृता प्रीतम) कैसे रो रो के पिघलते हैं गुनाहों के पहाड़आके देखे तो सही ये भी नज़ारा कोई © …[राकेश]

एक रुका हुआ फैसला (1986): निष्पक्ष तार्किकता और न्याय की विजय

कवि दिनकर ने चेताया था कभी कहकर …[राकेश]

Saudagar (1973): चाहत भी जब व्यापार बन जाये

https://youtu.be/rsuzrIVoFYY?si=lJkmnH9lAZL1N80f ©…[राकेश]

Abhimaan (1973) : अमिताभ- जया श्रेष्ठ हैं या कला और प्रतिभा?

उमा (जया भादुड़ी) अपने पति सुबीर (अमिताभ बच्चन) को घर ले जाने के लिये सुबीर की दोस्त चित्रा (बिन्दु) के घर आती हैं। उमा और सुबीर की शादी के स्वागत समारोह के बाद यह उमा और चित्रा की दूसरी ही... Continue Reading →

वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी, बचपन और वो जगजीत सिंह: कौन भूला है यहाँ कोई न भूलेगा यहाँ

कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलते हैं (बशीर बद्र) मैं रोया परदेश में भीगा माँ का प्यार, दुख ने दुख से बात की बिन चिट्ठी बिन तार निदा फाज़ली के ही दोहे... Continue Reading →

Partition (2007) : भारत के हिंसक विभाजन में जन्मी प्रेमकथा

भारतीय दर्शकों को खटक सकता है नसीम की भूमिका को विदेशी अभिनेत्री Kristin Kreuk से करवाया जाना। शुरु में उन्हे एक मुस्लिम महिला के रुप में स्वीकार करने में कठिनाई भी होती है पर यह एक हॉलीवुड प्रोडक्शन है और... Continue Reading →

Murder Unveiled (2006) : Indo-Canadian Honour Killing

जस्सी के बारे में विस्तार से यहाँ पढ़ा जा सकता है। Justice For Jassi जस्सी हत्याकांड पर आधारित कनेडियन टेलीविज़न की डॉक्यूमेंटरी -The Murdered Bride © ...[राकेश]

Yathharth (2002): चाण्डाल का बदरंग जीवन

©...[राकेश]

The Beguiled(1971): स्त्री संसार में छलिया Clint Eastwood

©…[राकेश]

The Last Station (2009) : Leo Tolstoy के आख़िरी साल का बयान

© …[राकेश] https://youtu.be/0eCRIbUESBg?si=yxmCxG9yaT6W2uZg

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