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Cinema, Theatre, Music & Literature

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Cinema

जाने वाले मुड़ के (श्री 420) : राज कपूर की तकनीकी श्रेष्ठता

विवश श्वेत वस्त्रधारी अशरीरी अंतर्मन वापिस नरगिस के शरीर में प्रवेश कर जाता है। लता मंगेशकर ने अपनी गायिकी से इस गीत में उपस्थित दुख भरे भावों को गहरायी प्रदान की है। चाहे वह आवारा का ड्रीम सीक्वेंस हो या... Continue Reading →

कहीं करती होगी वो मेरा इंतजार: मुकेश के गीत में लता की “हॆ”

यह गीत हृषिकेष मुखर्जी की फिल्म फिर कब मिलोगी (1974) का है। इसे लिखा था मजरूह सुल्तानपुरी ने और संगीतबद्ध किया था आर.डी.बर्मन/पंचम ने। फिल्म में यह यह गीत दो बार आता है। पहली बार यह एकल गीत के रुप... Continue Reading →

Khamoshi (1969): सन्नाटे की गूँज

…[राकेश] https://cinemanthan.com/2015/06/13/humnedekhihainunankhon

The Formula (1980) : पैट्रोलियम साम्राज्य की काली राजनीति

© …[राकेश]

Dastak (1970): हदों से गुज़र, जीने की कोशिश करते, हामिद और सलमा

…[राकेश]

The Vanishing(1988): अचानक गुम हो जाए जीवनसाथी तो?

©...[राकेश]  

मेरा जूता है जापानी (Shri 420) : बिगड़े दिल फक्कड़ शहज़ादों की ठसक

“I do not want my house to be walled in on all sides and my windows to be stuffed. I want the cultures of all the lands to be blown about my house as freely as possible. But I refuse... Continue Reading →

कहीं बेख्याल होकर यूँ ही छू लिया किसी ने (Teen Deviyan 1965)

गीत के नीचे दिये ऑडियो में एक अंतरा ज्यादा है। https://youtu.be/94xePOCF6yU?si=ztT1oXE_JC-J_gBd ...[राकेश]

लिखा है तेरी आँखों में (Teen Deviyan 1965) : किशोर कुमार के अद्भुत दौर की शुरुआत

© ...[राकेश]

Teen Deviyan (1965) : जब कुछ नहीं तो ये इशारे क्यों

…[राकेश] https://cinemanthan.com/2013/09/26/likhahaiteriaankhonmein https://cinemanthan.com/2013/09/26/kahinbekhyalhokar/

Prahaar(1991): जय जवान जय ईमान

बेटे की मृत्यु के लिये उसकी फौजी ट्रेनिंग को जिम्मेदार मानने वाले मि. डिसूजा (हबीब तनवीर) जब मेजर चौहान के गाल पर थप्पड़ लगाते हैं तो इस दृष्य के प्रभाव को नाना पाटेकर बहुत वास्तविक और गहरा बनाते हैं। नाना... Continue Reading →

Dharm(2007) : दिल न मंदिर, न मस्जिद, न गिरजा, न गुरुद्वारा

ये कंकर पत्थर की दुनिया जज्बात की कीमत क्या जाने दिल मंदिर भी है दिल मस्जिद भी है ये बात सियासत क्या जाने। © ...[राकेश]

दुनिया रंग रंगीली बाबा (धरती माता 1938) – के.एल.सहगल की कस्तूरी

पंकज मलिक, उमा शशि और के.एल. सहगल संस्करण के.सी.डे, उमा शशि और के.एल.सहगल संस्करण https://youtu.be/gFQlI7QjbOI?si=hgDfPxx-nwJ78kR7 ...[राकॆश]

Breezy (1973): प्रौढ़ पुरुष के मरू ह्रदय में प्रेम जन्माती किशोरी की प्रेमकथा

https://youtu.be/38zpqhU_GcM?si=MEYQpUIcgyUCjKAD ...[राकेश]

तू कहाँ ये बता इस नशीली रात में [तेरे घर के सामने(1963)]: एक नशीला रोमांटिक गीत

https://youtu.be/5RXY6k-2i2g?si=wczVKwUb_a37OCnT ...[राकेश]

The Yellow Handkerchief (2010) : कल, आज और कल को खंगालती प्रेम कहानी

...[राकेश]

सुहाना सफर (मधुमती 1957): प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत कलाकार के उदगार

https://youtu.be/E5N7k1V2bQk?si=NIqBLjz7NEJ-iMeR गायक- #मुकेश, गीतकार- #शैलेन्द्र, संगीतकार – #सलिल_चौधरी, सिनेमेटोग्राफर - #दिलीप_गुप्ता,और निर्देशक – #बिमल_राय, फिल्म - #मधुमती (1957) ...[राकेश]

Crash(2004): रंगभेद और भेदभाव से भरे समाज की गाथा

ऑस्कर विजेता फिल्म क्रैश रेसिज्म का दंश झेलते अमेरिकी समाज में, जहाँ पात्र गोरे, काले और प्रवासियों के खानों में बँटे हुये हैं, पनप रही कहानियाँ दिखाती है। अपने तनावग्रस्त जीवन में सारे चरित्र कहीं न कहीं किसी न किसी... Continue Reading →

हे मैने कसम ली: मधुमास के सौन्दर्य का प्रतिनिधि गीत

...[राकेश]

Little Fugitive(1953) : बचपन के दिन और बाल मन

जिन दर्शकों ने इसे न देखा हो, जब भी उनका मौका लगे उन्हें इस फिल्म की डीवीडी एकदम लपक लेनी चाहिये। बच्चे के मनोविज्ञान को बखूबी दर्शाती केवल 80 मिनट लम्बी फिल्म उन्हें मोह लेगी। ...[राकेश]

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