Search

Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

Tag

Kishore Kumar

लता मंगेशकर : भारत का गौरव ही नहीं, स्वाभिमान भी

(https://cinemanthan.com/2013/10/15/donainonmeinansoo/)

राह पे रहते हैं (Namkeen 1982) : जल गए जो धूप में तो साया हो गए

https://www.youtube.com/watch?v=TMg5khs0UnI https://www.youtube.com/watch?v=CpYuH4Cc8Mk ...[राकेश] https://cinemanthan.com/2013/11/01/namkeen1982

लता श्रुति-संवाद : लता मंगेशकर के संगीत संसार की कुंडली विवेचना

पुस्तक संगीत के सामान्य श्रोता को यह आसान ढंग से संगीत के शास्त्रीय तत्वों की जानकारी उपलब्ध करा देती है और गीतों के नोटेशन्स और लता के गायन की बारीकियों को उजागर करके संगीत के पारखी श्रोताओं को भी ज्ञान... Continue Reading →

धूप आने दो (2020) : “गुलज़ार एवं ‘विशाल+रेखा’ भारद्वाज” की वैदिक सूर्य स्तुति

‘सूरज की पहली किरण से आशा का सवेरा जागे’ जीनियस किशोर कुमार द्वारा रचित पंक्ति गागर में सागर भरने की उक्ति को चिरतार्थ कर देती है| धरा पर मानव जीवन पर छाए “कोविड-19” के गहरे धुंध भरे साये तले सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक... Continue Reading →

ऋषि कपूर (1952-2020) : बचपन, जवानी, बुढ़ापा, शो का पटाक्षेप

...[राकेश]

Shalimar (1978) : हॉलीवुड और हिन्दी सिनेमा के संगम की भव्यता से बनी फिल्म की निर्माणगाथा

 ...[राकेश] ©  

Bawarchi (1972): दिल चोर बावर्ची!

...[राकेश]

किशोर कुमार : सवेरे वाली कुनमुनी, कुरमुरी लालिमा की छुअन जैसा गायन

चाहे हिमालय के भव्य अस्तित्व का श्रंगार करती हुयी सूरज की किरणें हों या एल्प्स की वादियों की गोद को धीमी नाजुक आँच से मदमाती हुयी सूरज की किरणें हों, सुबह के सूरज की लालिमा के सौंदर्य का कहीं कोई... Continue Reading →

Shaan(1980): शोले की आन, बान और शान में घटोत्तरी

https://youtu.be/IQ-iTeN_Yv4?si=PRGH5MxznvZ2bmqX https://youtu.be/B_qbaictKdE?si=7zhObOZKvOOMSSwu ...[राकेश]

कमर जलालाबादी

किसी भी गीत को उम्दा बनाने के लिये संगीतकार, गायक और गीतकार तीनों के बेहतरीन योगदान की जरुरत होती है और किसी एक का भी योगदान कमतर हो तो गीत की गुणवत्ता और आयु कम हो जाती है। तीनों में... Continue Reading →

Satyakam (1969) : हत्या ईमानदारी की होते बेशर्मी से देखता रहा है हिन्दुस्तान

नमकीन (1982) : चौरंगी में झांकी चली

https://www.youtube.com/watch?v=hLWJ3pWy2ac https://www.youtube.com/watch?v=erkeCqZp7os …[राकेश]

Swami (1977): प्रेम का धागा पति से टूटे या प्रेमी से?

सत्तर के दशक में बासु दा बहुत तेज रफ्तार से फिल्में बनाते थे और उनकी उस दौरान बनायी गयी फिल्मों की गुणवत्ता सराहनीय है। सत्तर के दशक की उनकी फिल्में बार बार देखी जाती हैं और तब भी न तो... Continue Reading →

Saudagar (1973): चाहत भी जब व्यापार बन जाये

https://youtu.be/rsuzrIVoFYY?si=lJkmnH9lAZL1N80f ©…[राकेश]

Abhimaan (1973) : अमिताभ- जया श्रेष्ठ हैं या कला और प्रतिभा?

उमा (जया भादुड़ी) अपने पति सुबीर (अमिताभ बच्चन) को घर ले जाने के लिये सुबीर की दोस्त चित्रा (बिन्दु) के घर आती हैं। उमा और सुबीर की शादी के स्वागत समारोह के बाद यह उमा और चित्रा की दूसरी ही... Continue Reading →

लिखा है तेरी आँखों में (Teen Deviyan 1965) : किशोर कुमार के अद्भुत दौर की शुरुआत

© ...[राकेश]

Teen Deviyan (1965) : जब कुछ नहीं तो ये इशारे क्यों

…[राकेश] https://cinemanthan.com/2013/09/26/likhahaiteriaankhonmein https://cinemanthan.com/2013/09/26/kahinbekhyalhokar/

हे मैने कसम ली: मधुमास के सौन्दर्य का प्रतिनिधि गीत

...[राकेश]

Blog at WordPress.com.

Up ↑