समर्थ घर में जन्म न हो तो स्त्री का सौंदर्य उसके लिए सदा वरदान सिद्ध नहीं होता बल्कि बहुधा रूप उसके लिए जीवन पर ग्रहण भी लगा देता है| उम्र भर उसकी बहुत सारी ऊर्जा अपने रूप के कारण स्वयं... Continue Reading →
मुझे ले चलो, आज फिर उस गली मेंजहाँ पहले पहल, ये दिल लड़खड़ायावो दुनिया, वो मेरी मोहब्बत की दुनियाजहां से मैं बेताबियां लेकर के आया जहाँ सो रही है मेरी जिंदगानी जहाँ छोड़ आया मैं अपनी जवानीवहां आज भी एक... Continue Reading →
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