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Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

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Cine Manthan

“Cinema is the most beautiful fraud in the world.” (Jean-Luc Godard)

Abhimaan (1973) : अमिताभ- जया श्रेष्ठ हैं या कला और प्रतिभा?

उमा (जया भादुड़ी) अपने पति सुबीर (अमिताभ बच्चन) को घर ले जाने के लिये सुबीर की दोस्त चित्रा (बिन्दु) के घर आती हैं। उमा और सुबीर की शादी के स्वागत समारोह के बाद यह उमा और चित्रा की दूसरी ही... Continue Reading →

ज़िन्दगी रोज नये रंग में ढ़ल जाती है (Aaj-1990):संगीतकार जगजीत सिंह

ज़िन्दगी रोज नये रंग में ढ़ल जाती है कभी दुश्मन तो कभी दोस्त नज़र आती है।     कभी छा जाये बरस जाये घटा बेमौसम     कभी एक बूँद को रुह तरस जाती है     ज़िन्दगी रोज नये रंग में ढ़ल... Continue Reading →

वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी, बचपन और वो जगजीत सिंह: कौन भूला है यहाँ कोई न भूलेगा यहाँ

कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलते हैं (बशीर बद्र) मैं रोया परदेश में भीगा माँ का प्यार, दुख ने दुख से बात की बिन चिट्ठी बिन तार निदा फाज़ली के ही दोहे... Continue Reading →

सब ठाठ पड़ा रह जावेगा जब लाद चलेगा बंजारा

https://youtu.be/_0r12WmrbEU?si=awZNFAjek-2TPxUw यह गीत उन महत्वपूर्ण गीतों में से एक है जो अपना गहरा असर सुनने वाले पर छोड़ जाते हैं। गीत किसी न किसी रुप में सुनने वाले को छुयेगा ही छुयेगा। आज नहीं तो किसी और दिन सही, पर... Continue Reading →

Partition (2007) : भारत के हिंसक विभाजन में जन्मी प्रेमकथा

भारतीय दर्शकों को खटक सकता है नसीम की भूमिका को विदेशी अभिनेत्री Kristin Kreuk से करवाया जाना। शुरु में उन्हे एक मुस्लिम महिला के रुप में स्वीकार करने में कठिनाई भी होती है पर यह एक हॉलीवुड प्रोडक्शन है और... Continue Reading →

Murder Unveiled (2006) : Indo-Canadian Honour Killing

जस्सी के बारे में विस्तार से यहाँ पढ़ा जा सकता है। Justice For Jassi जस्सी हत्याकांड पर आधारित कनेडियन टेलीविज़न की डॉक्यूमेंटरी -The Murdered Bride © ...[राकेश]

The Bald, the Bad and The Dangerous

एक फाइट मास्टर के तौर पर उन्होने कितनी ही फिल्मों में एक से बढ़ कर हैरत अंगेज लड़ाई के दृष्यों की रचना की और दर्शकों को रोमांचित किया। भले ही कई फिल्मों में वे एक ही दृश्य में नज़र आए... Continue Reading →

Yathharth (2002): चाण्डाल का बदरंग जीवन

©...[राकेश]

The Beguiled(1971): स्त्री संसार में छलिया Clint Eastwood

©…[राकेश]

The Last Station (2009) : Leo Tolstoy के आख़िरी साल का बयान

© …[राकेश] https://youtu.be/0eCRIbUESBg?si=yxmCxG9yaT6W2uZg

B.N. Sircar : भारतीय सिनेमा के विकास की बुनियाद के एक सर्जक

…[राकेश]

जाने वाले मुड़ के (श्री 420) : राज कपूर की तकनीकी श्रेष्ठता

विवश श्वेत वस्त्रधारी अशरीरी अंतर्मन वापिस नरगिस के शरीर में प्रवेश कर जाता है। लता मंगेशकर ने अपनी गायिकी से इस गीत में उपस्थित दुख भरे भावों को गहरायी प्रदान की है। चाहे वह आवारा का ड्रीम सीक्वेंस हो या... Continue Reading →

कहीं करती होगी वो मेरा इंतजार: मुकेश के गीत में लता की “हॆ”

यह गीत हृषिकेष मुखर्जी की फिल्म फिर कब मिलोगी (1974) का है। इसे लिखा था मजरूह सुल्तानपुरी ने और संगीतबद्ध किया था आर.डी.बर्मन/पंचम ने। फिल्म में यह यह गीत दो बार आता है। पहली बार यह एकल गीत के रुप... Continue Reading →

Khamoshi (1969): सन्नाटे की गूँज

…[राकेश] https://cinemanthan.com/2015/06/13/humnedekhihainunankhon

The Formula (1980) : पैट्रोलियम साम्राज्य की काली राजनीति

© …[राकेश]

Dastak (1970): हदों से गुज़र, जीने की कोशिश करते, हामिद और सलमा

…[राकेश]

The Vanishing(1988): अचानक गुम हो जाए जीवनसाथी तो?

©...[राकेश]  

मेरा जूता है जापानी (Shri 420) : बिगड़े दिल फक्कड़ शहज़ादों की ठसक

“I do not want my house to be walled in on all sides and my windows to be stuffed. I want the cultures of all the lands to be blown about my house as freely as possible. But I refuse... Continue Reading →

कहीं बेख्याल होकर यूँ ही छू लिया किसी ने (Teen Deviyan 1965)

गीत के नीचे दिये ऑडियो में एक अंतरा ज्यादा है। https://youtu.be/94xePOCF6yU?si=ztT1oXE_JC-J_gBd ...[राकेश]

लिखा है तेरी आँखों में (Teen Deviyan 1965) : किशोर कुमार के अद्भुत दौर की शुरुआत

© ...[राकेश]

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