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Cinema, Theatre, Music & Literature

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Hindi

The Univited Guest (2004): सायों के भय से घिरा जीवन

© …[राकेश] https://youtu.be/K754vaau8XY?si=Ums3L8j9w1XYq63O https://youtu.be/_yg5rHqhNbg?si=nIPJx0E0jL_B_Xfp

Raavan (1984) : रो रो के पिघलते हैं गुनाहों के पहाड़

तेरे इश्क की एक बूँदइसमें मिल गयी थीइसलिये मैंने उम्र कीसारी कड़वाहट पी ली ….( अमृता प्रीतम) कैसे रो रो के पिघलते हैं गुनाहों के पहाड़आके देखे तो सही ये भी नज़ारा कोई © …[राकेश]

मुरली मेरे श्याम की(1985): कान्हा की मधुर बांसुरी का रस्सावादन वाया गुलज़ार एवम रघुनाथ सेठ

स्त्री स्वरों में गाये गये गीत पुरुष स्वरों में गाये गीतों से ज्यादा अच्छे हैं। सुनो नंद रानी, ओ री सौतनियाँ, न जाने कहाँ बंसी बजाये घनश्याम, कहाँ छोड़ी मुरली कहाँ छोड़ी राधा, बन नौ रसमय, और मुरली तुम्हारी अजब... Continue Reading →

एक रुका हुआ फैसला (1986): निष्पक्ष तार्किकता और न्याय की विजय

कवि दिनकर ने चेताया था कभी कहकर …[राकेश]

अमिताभ बच्चन : कवि पिता डा. हरिवंशराय बच्चन की कविता

फुल्ल कमल, गोद नवल, मोद नवल, गेहूं में विनोद नवल ! बाल नवल, लाल नवल, दीपक में ज्वाल नवल ! दूध नवल, पूत नवल, वंश में विभूति नवल ! नवल दृश्य, नवल दृष्टि, जीवन का नव भविष्य, जीवन की नवल... Continue Reading →

Saudagar (1973): चाहत भी जब व्यापार बन जाये

https://youtu.be/rsuzrIVoFYY?si=lJkmnH9lAZL1N80f ©…[राकेश]

Abhimaan (1973) : अमिताभ- जया श्रेष्ठ हैं या कला और प्रतिभा?

उमा (जया भादुड़ी) अपने पति सुबीर (अमिताभ बच्चन) को घर ले जाने के लिये सुबीर की दोस्त चित्रा (बिन्दु) के घर आती हैं। उमा और सुबीर की शादी के स्वागत समारोह के बाद यह उमा और चित्रा की दूसरी ही... Continue Reading →

ज़िन्दगी रोज नये रंग में ढ़ल जाती है (Aaj-1990):संगीतकार जगजीत सिंह

ज़िन्दगी रोज नये रंग में ढ़ल जाती है कभी दुश्मन तो कभी दोस्त नज़र आती है।     कभी छा जाये बरस जाये घटा बेमौसम     कभी एक बूँद को रुह तरस जाती है     ज़िन्दगी रोज नये रंग में ढ़ल... Continue Reading →

वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी, बचपन और वो जगजीत सिंह: कौन भूला है यहाँ कोई न भूलेगा यहाँ

कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलते हैं (बशीर बद्र) मैं रोया परदेश में भीगा माँ का प्यार, दुख ने दुख से बात की बिन चिट्ठी बिन तार निदा फाज़ली के ही दोहे... Continue Reading →

सब ठाठ पड़ा रह जावेगा जब लाद चलेगा बंजारा

https://youtu.be/_0r12WmrbEU?si=awZNFAjek-2TPxUw यह गीत उन महत्वपूर्ण गीतों में से एक है जो अपना गहरा असर सुनने वाले पर छोड़ जाते हैं। गीत किसी न किसी रुप में सुनने वाले को छुयेगा ही छुयेगा। आज नहीं तो किसी और दिन सही, पर... Continue Reading →

Partition (2007) : भारत के हिंसक विभाजन में जन्मी प्रेमकथा

भारतीय दर्शकों को खटक सकता है नसीम की भूमिका को विदेशी अभिनेत्री Kristin Kreuk से करवाया जाना। शुरु में उन्हे एक मुस्लिम महिला के रुप में स्वीकार करने में कठिनाई भी होती है पर यह एक हॉलीवुड प्रोडक्शन है और... Continue Reading →

Murder Unveiled (2006) : Indo-Canadian Honour Killing

जस्सी के बारे में विस्तार से यहाँ पढ़ा जा सकता है। Justice For Jassi जस्सी हत्याकांड पर आधारित कनेडियन टेलीविज़न की डॉक्यूमेंटरी -The Murdered Bride © ...[राकेश]

The Bald, the Bad and The Dangerous

एक फाइट मास्टर के तौर पर उन्होने कितनी ही फिल्मों में एक से बढ़ कर हैरत अंगेज लड़ाई के दृष्यों की रचना की और दर्शकों को रोमांचित किया। भले ही कई फिल्मों में वे एक ही दृश्य में नज़र आए... Continue Reading →

Yathharth (2002): चाण्डाल का बदरंग जीवन

©...[राकेश]

The Beguiled(1971): स्त्री संसार में छलिया Clint Eastwood

©…[राकेश]

The Last Station (2009) : Leo Tolstoy के आख़िरी साल का बयान

© …[राकेश] https://youtu.be/0eCRIbUESBg?si=yxmCxG9yaT6W2uZg

B.N. Sircar : भारतीय सिनेमा के विकास की बुनियाद के एक सर्जक

…[राकेश]

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