एक फाइट मास्टर के तौर पर उन्होने कितनी ही फिल्मों में एक से बढ़ कर हैरत अंगेज लड़ाई के दृष्यों की रचना की और दर्शकों को रोमांचित किया। भले ही कई फिल्मों में वे एक ही दृश्य में नज़र आए... Continue Reading →
विवश श्वेत वस्त्रधारी अशरीरी अंतर्मन वापिस नरगिस के शरीर में प्रवेश कर जाता है। लता मंगेशकर ने अपनी गायिकी से इस गीत में उपस्थित दुख भरे भावों को गहरायी प्रदान की है। चाहे वह आवारा का ड्रीम सीक्वेंस हो या... Continue Reading →
यह गीत हृषिकेष मुखर्जी की फिल्म फिर कब मिलोगी (1974) का है। इसे लिखा था मजरूह सुल्तानपुरी ने और संगीतबद्ध किया था आर.डी.बर्मन/पंचम ने। फिल्म में यह यह गीत दो बार आता है। पहली बार यह एकल गीत के रुप... Continue Reading →
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