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Cinema, Theatre, Music & Literature

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Movies

Kalyug (1981) : महाभारत के संघर्ष आधुनिक परिवेश में

...[राकेश]

Manjhi : The Mountain Man (2015) – जुनूनी आशिक की दास्तान है प्यारे

अपने ‘मैं’ को खोकर जिसे पाते वह सौगात ‘प्रेम’ की! प्रेम में पहले दूसरा स्वयं से महत्वपूर्ण हो जाता है फिर दोनों के ‘मैं’ कुछ समय के लिए एक हो जाते हैं और एक समय आता है जब व्यक्ति को... Continue Reading →

The Pursuit of Happyness (2006) : हाशिए पर पड़े जीवन का निराशा के गर्त से उठकर उदय होना

©...[राकेश]

Ahalya (2015) : वासना का खतरनाक प्रलोभन

 ...[राकेश] इच्छुक लोग फिल्म को यहाँ देख सकते हैं https://cinemanthan.com/2014/05/30/kahaani2012 https://cinemanthan.com/2015/05/12/piku2015

Drishyam(2015) : लुका छिपी – अहंकारी पुलिस अधिकारी बनाम सिनेमा भक्त चौथी फेल आम आदमी

जिसने ‘दृश्यम’ फिल्म का मूल मलयाली संस्करण (मोहन लाल अभिनीत) और कमल हसन अभिनीत तमिल संस्करण नहीं देखे हैं उनके लिए फिल्म का अजय देवग्न अभिनीत हिंदी संस्करण एक अच्छे थ्रिलर देखने का आनंद प्रस्तुत करता है और मूल मलयाली... Continue Reading →

Masaan (2015) : खिलने से पहले फूलों को खिज़ा खा गई

‘  ऐसे जीवन भी हैं जो जिए ही नहीं जिनको जीने से पहले ही मौत आ गई फूल ऐसे भी हैं जो खिले ही नहीं जिनको खिलने से पहले खिज़ा खा गई ...[राकेश] ©

Ugly (2014) : असंवेदनशीलता और खुदगर्जी से सड़ते रिश्तों की बजबजाती गंदगी में मरता बचपन

 ...[राकेश] Bombay Velvet https://cinemanthan.com/2015/05/19/bombayvelvet2015/

Piku (2015) : हाजत हजार नियामत

...[राकेश]

Holi (1984) : केतन मेहता की, फिल्ममेकिंग पर, रची गाइड

...[राकेश]

Jai Ho! Democracy : भारत-पाक तनाव की निरर्थकता को उकेरती एक एंटी वार फिल्म

भारत- पाकिस्तान के बीच तनाव का आलम ऐसा है कि बिना आग भी धुआँ उठ सकता है और बिना मुददे के भी दोनों देश लड़ सकते हैं, इनकी सेनाएं जंगे-मैदान में दो –दो हाथ न करें तो क्रिकेट के मैदान... Continue Reading →

7 Khoon Maaf (2011) : तत्वविज्ञानी रस्किन बांड+विशाल भारद्वाज की मार्फ़त Susanna का दृष्टांत

ऐसी फिल्में हिन्दी सिनेमा में बनती नहीं है अतः ऐसे प्रयासों का समुचित रुप से सही मूल्यांकन होना चाहिये और केवल बॉक्स ऑफिस की सफलता को ही पैमाना बनाकर ऐसी फिल्मों की संभावनाओं को नष्ट नहीं करना चाहिये। ...[राकेश] ©

NH 10 (2015) : जंगल राज में दबंग भेड़ियों के खिलाफ घायल हिरनी की प्रतिहिंसा

“मैडम जी, शहर में जहां बड़े बड़े मॉल खत्म हो जाते हैं न बस डेमोक्रेसी भी वहीं समाप्त हो जाती है”| एक पुलिस इन्स्पेक्टर फिल्म की नायिका मीरा (Anushka Sharma) से कहता है और उसे समझाता है कि पुलिस वाले... Continue Reading →

Lake Tahoe (2008) : स्वीकार लाता है जीवन में समझ, मानसिक शान्ति और आगे बढ़ने की ऊर्जा

मैक्सिकन निर्देशक Fernando Eimbcke की फिल्म Lake Tahoe एक रोचक फिल्म है जो दिखाती है कि जीवन में कुछ घटित होने के बाद उससे प्रभावित लोग कैसे अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं देते हैं| अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु अचानक से हो... Continue Reading →

Mausam(2011) : काश अच्छे आगाज़ की तरह अंजाम भी बेहतर दे देते पंकज कपूर

आगाज़ तो होता है अंजाम नहीं होता जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता जब जुल्फ की कालिख में घुल जाये कोई राही बदनाम सही लेकिन गुमनाम नहीं होता हँस-हँस के जवां दिल के हम क्यों न चुनें टूकड़े... Continue Reading →

Kahaani (2012): विद्या बालन की थ्रिलर फिल्म

इन्स्पेक्टर सात्यिकी की भूमिका में Parambrata Chatterjee सहज और आकर्षक लगे हैं| विद्या बालन के अलावा सबसे ज्यादा ध्यान खींचते हैं Saswata Chatterjee जिन्होंने बॉब विश्वास की भूमिका निभाई है| उनकी मुस्कान और उनकी शैतानियत का संगम एक आकर्षक स्क्रीन... Continue Reading →

Sunglass (2013) : दूसरे के मन की बात जान लेना रिश्ते पर भारी पड़ता है

बचपन में एक कथा सुनी थी, बहुतों ने सुनी होगी, दादी-नानी किस्म की कहानी परम्परा वाली| बहुत समय पहले की बात है, शताब्दियों पहले की| तब इंसान का पेट बंद नहीं होता था और उस पर एक ढक्कन किस्म का ... Continue Reading →

Chalo Dilli (2011) : इंडिया का भारत भ्रमण

एक समय तक भारत के हरेक विद्यार्थी को सामान्य ज्ञान की परीक्षाओं में भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दो प्रश्न काफी परेशान करते थे (शायद अभी भी करते हों)। सवाल थे - दिल्ली चलो का नारा किसने दिया था।... Continue Reading →

Shaan(1980): शोले की आन, बान और शान में घटोत्तरी

https://youtu.be/IQ-iTeN_Yv4?si=PRGH5MxznvZ2bmqX https://youtu.be/B_qbaictKdE?si=7zhObOZKvOOMSSwu ...[राकेश]

Angoor (1982) : विशुद्ध हास्य की मधुशाला

…[राकेश]

Satyakam (1969) : हत्या ईमानदारी की होते बेशर्मी से देखता रहा है हिन्दुस्तान

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